Ukraine Russia,

यूक्रेन पर रूस के सैन्य हमले को रोकने के लिए अमेरिकी प्रतिबंध काफी नहीं है. यह कहना है यूक्रेन के राष्ट्रपति का, जिन्होंने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया है कि रूस के साथ युद्ध में उन्हें अकेला छोड़ दिया गया. राजधानी कीव में हुए रूसी हमले के बाद बोलते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया अभी दूर से यूक्रेन का घटनाक्रम देख रही.

एक फेसबुक वीडियो में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि आज सुबह भी हम कल की तरह अपने देश को अकेले ही बचा रहे हैं. दुनिया का सबसे ताकतवर देश दूर से देख रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति का इशारा अमेरिका की ओर था. उन्होंने कहा रूस पर कल प्रतिबंध लगाए गए लेकिन यह प्रतिबंध रूस की सेना को हमारी जमीन से उखाड़ने के लिए काफी नहीं है. केवल एकजुटता और दृढ़ विश्वास से यह किया जा सकता है.

टेबल पर आए रूस और यूक्रेन

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अपने चरम पर पहुंच चुका है. रूस ने यूक्रेन को भारी नुकसान दिया है. अभी तक कई सैनिकों की मौत हो चुकी है. अब इस तबाही के बाद रूस भी बातचीत की टेबल पर आ गया है. वहां की विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि अगर यूक्रेन के सैनिक अपने हथियार डाल देंगे तो बातचीत फिर की जा सकती है.

यहां बात हथियार डालने की हो रही है और यूक्रेन मर मिटने के लिए तैयार है लेकिन घुटने टेकने के लिए तैयार नहीं है. यूक्रेन और यूक्रेन के सैनिकों के जज्बे को दुनिया सलाम कर रही है. युद्ध की तबाही के बाद रूस ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है, लेकिन हथियार डालने की बात की है. जो कि यूक्रेन के हौसलों को देखते हुए संभव नहीं लग रहा है.

हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति की तरफ से भी बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है. लेकिन हथियार डालने की शर्तों पर यह प्रस्ताव नहीं है. उन्होंने पुतिन को बातचीत की टेबल पर बुलाया है. पुतिन ने भी अपना प्रतिनिधि मंडल बातचीत के लिए भेजने की बात कर दी है. लेकिन अगर हथियार डालने की शर्तों पर यह होगा तो यूक्रेन शायद ही इस पर राजी हो.

यूक्रेन नाराज नहीं मिली नाटो की मदद

अभी के लिए यूक्रेन में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है. रूस के चौतरफा हमलों की वजह से यूक्रेन को भारी नुकसान हो चुका है. रूस ने यूक्रेन के कई सैनिकों को मार गिराया है. वही यूक्रेन ने रूस के लगभग 1000 सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है.

अगर बिना हथियार डालने की शर्तों पर बातचीत की टेबल पर आए रूस और यूक्रेन तो जल्द ही कोई बड़ा फैसला हो सकता है. यह भी कहा जा रहा है कि ना ही यूक्रेन में यह बातचीत होगी और ना ही रूस में होगी, किसी तीसरे देश में यह बातचीत हो सकती है. बताया गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच में बातचीत बेलारूस की राजधानी मिंस्क में की जा सकती है.

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