Uma Bharti news

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती (Uma Bharti) ने मध्यप्रदेश की शराब नीति एवं नशा मुक्ति पर सवाल उठाते हुए नया कार्ड खेला है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को खत लिखकर बीजेपी शासित राज्यों में एक जैसी आबकारी नीति (Excise Policy) लागू करने की मांग की है. उन्होंने संकेतों में बीजेपी की सरकारों वाले राज्यों को उड़ता पंजाब न बनने देने की गुहार लगाई है.

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती लंबे समय से मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति से जुड़ी आवाज को बुलंद किए हुए हैं. अपने अभियान के दौरान भोपाल में शराब की दुकान में पत्थर मारकर बोतलें तोड़कर वह सुर्खियों में आई थी. ओरछा में शराब की दुकान में गोबर फेंका था. मध्य प्रदेश की आबकारी नीति की खुली आलोचना वह करती रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपनी मांग को लेकर कई बार वह मिल चुकी हैं.

उमा भारती ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को 9 जुलाई को भेजे गए पत्र में कहा है कि, पंजाब की प्रगति एवं उसके बाद नशे में उड़ते पंजाब की कहानी सभी को मालूम है. मध्यप्रदेश भी तेजी से प्रगति की ओर बढ़ता राज्य है, किंतु वर्तमान में मध्य प्रदेश की नई शराब नीति प्रदेश को हर तरह से विनाश की दिशा में ले जा सकती है. उमा भारती ने पत्र में कहा है कि शराबबंदी मेरे निजी अहंकार का विषय नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश की महिलाओं के सम्मान एवं उनके परिवार की सुरक्षा युवाओं की रोजी-रोटी एवं भविष्य से जुड़ा हुआ एक सामाजिक विषय है.

उमा भारती ने कहा है कि पार्टी फोरम पर कई बार इस विषय को उठाया है. पार्टी की रीति नीति का पालन करते हुए बात की. सभी बड़े नेताओं से इस विषय को लेकर मेल मुलाकात एवं बातचीत को सार्वजनिक नहीं किया. मुझे भरोसा हो जाता था कि कोई सकारात्मक परिणाम आएगा. इस कारण कई बार मेरे मौन से मैं निंदा, उपहास और आलोचना की पात्र बनी. उन्होंने लिखा है कि पार्टी के मुखिया होने के नाते मैं आपसे सार्वजनिक अपील करती हूं कि शराब एवं नशे पर पार्टी के वरिष्ठ जनों से आप परामर्श करें.

उमा भारती ने पत्र में आगे लिखा है कि एक जैसी शराब नीति सभी बीजेपी शासित राज्यों में लागू करने के निर्देश दिए जाएं. इसे लेकर उन्होंने जेपी नड्डा को कुछ सुझाव भी दिए हैं. उन्होंने कहा है कि हमारे देश में शराब पीकर वाहन चलाना अपराध है तो फिर हमारी मध्य प्रदेश की सरकार ने खुले हाथों में झुंड के झुंड में लोगों को शराब पिलाने का लाइसेंस देकर क्या गैरकानूनी काम नहीं किया है? खुद ही इस सवाल का जवाब देते हुए उमा भारती ने कहा है कि क्योंकि अहाते में बैठकर शराब पीने वाले शराब के नशे में अपने घर तक वाहन से ही तो जाते हैं.

उमा भारती ने ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति के विरोध प्रदर्शन को फिलहाल अकेले ही जारी रखेंगी. उन्होंने कहा है कि अभी से लेकर अक्टूबर तक शराब दुकानों एवं अहातो के सामने अकेली खड़ी होंगी. फिर अक्टूबर में गांधी जयंती पर भोपाल की सड़कों पर महिलाओं के साथ मार्च करूंगी. आपको बता देंं कि इसी मुद्दे पर पिछले दिनों उमा भारती की मुलाकात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी हुई थी. उस समय लगा था कि सबकुछ सामान्य हो गया है. लेकिन एक बार फिर से उमा भारती ने इस मुद्दे को उठाकर संकेत दे दिया है कि वह पीछे हटने वाली नहीं है.

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