Yogi Adityanath 3rd

उत्तर प्रदेश में दो चरण के चुनाव पूरे हो चुके हैं. तीसरा चरण 20 फरवरी को होना है. उत्तर प्रदेश का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है. सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी जोर आजमाइश में लगी हुई हैं. सभी यह कोशिश कर रही हैं कि उनका पलड़ा भारी हो. अगला चरण “यादव लैंड” के बीच होना है. यहां बीजेपी पिछले चुनाव का प्रदर्शन दोहराना चाहती है. जबकि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने के लिए जी जान से लगे हुए हैं.

तमाम राजनीतिक विश्लेषक यह दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में हुए दो चरणों के नतीजे उससे भी कहीं भयावह बीजेपी के लिए होने वाले हैं जिसकी उम्मीद की जा रही है. उधर अखिलेश यादव दावा कर रहे हैं कि तीसरे और चौथे चरण में समाजवादी गठबंधन अपना दूसरा शतक भी पूरा कर लेगा. यानी समाजवादी पार्टी की 200 सीटें तीसरे और चौथे चरण के पूरे होने पर मिल जाएंगी.

अखिलेश यादव की तरफ से दावा किया गया है कि पहले और दूसरे चरण के बाद समाजवादी गठबंधन ने शतक पूरा कर लिया है सीटों का और जो गर्मी निकालने की बात कर रहे थे, वह अब ठंडे पड़ गए हैं. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) लगातार अपनी रैलियों में और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कह रहे थे कि 10 मार्च के बाद वह विरोधियों की गर्मी शांत कर देंगे.

मुख्यमंत्री को आ रहे हैं पसीने?

उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण का चुनाव 20 फरवरी को होना है. तीसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है, लेकिन उसके पहले जो चुनाव प्रचार चल रहा था उसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार बुलडोजर चलाने की बातें कर रहे थे, बुलडोजर की मरम्मत की बातें कर रहे थे, विपक्षियों की गर्मी शांत करने की बात कर रहे थे. लेकिन जो वीडियो उनकी सभाओं के वायरल हुए हैं उससे यही लग रहा है कि वह लगातार बोल रहे हैं, लेकिन उनको सुनने में जनता का इंटरेस्ट नहीं है और अपनी रैलियों में पब्लिक की कमी देखकर शायद मुख्यमंत्री को पसीने आ रहे हैं.

बीजेपी मीडिया के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रही है कि, वह जैसे नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया था ठीक वैसे ही करहल में अखिलेश यादव को हराएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी करहल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यही कह रहे थे कि, यहां से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी हार जाएगा. यानी अखिलेश यादव हार जाएंगे. बीजेपी ने जिसे उतारा है उन्होंने अखिलेश को करहल में 5 दिन के अंदर दूसरी बार आने को मजबूर किया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपनी सभाओं में जोशीले भाषण दे रहे हैं, विपक्षियों पर हमले कर रहे हैं. लेकिन उनकी सभाओं में भीड़ की कमी इस ओर इशारा कर रही है कि बड़ी-बड़ी जुमलेदार बातें सुनने के मूड में इस बार जनता दिखाई नहीं दे रही है. विपक्षियों पर हमले सुनने के लिए जनता मुख्यमंत्री की सभाओं में नहीं आ रही है और अपनी सभाओं में भीड़ की कमी को देखकर शायद मुख्यमंत्री को खुद पसीने आ रहे हैं.

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