Varun Gandhi

मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में आज हो रही किसान महापंचायत (Mahapanchayat) में जुटे लाखों किसानों को लेकर भारतीय जनता पार्टी में गांधी परिवार के अहम हिस्‍सा पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) द्वारा किये गये एक ट्वीट ने पार्टी के अंदर नयी बहस छेड़कर खलबली मचा दी है.

वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से किये गये अपने ट्वीट में कहा है कि मुजफ्फरनगर में आज लाखों किसान धरना-प्रदर्शन में जुटे हैं. वे हमारे अपने ही खून हैं. हमें उनके साथ सम्मानजनक तरीके से जुड़ने की जरूरत है. उनके दर्द, उनके दृष्टिकोण को समझें और उनके साथ जमीन तक जुड़कर काम करें.

ऐसा माना जा रहा है कि किसानों के समर्थन में इस तरह का ट्वीट करके वरुण गांधी ने जहां सरकार और पार्टी लाइन से हटकर किसान आंदोलनकारियों के पक्ष को सही ठहराया है, वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नरेन्‍द्र सिंह तोमर जैसे दिग्‍गजों के बयानों पर भी परोक्ष रूप से विरोध प्रकट कर दिया है.

वरुण गांधी ने इसके साथ ही एक वीडियो भी ट्वीट किया है, जो किसान महापंचायत का लग रहा है. ज्ञात हो कि बीते दिनों हुए मंत्रिमंडल के विस्‍तार के समय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में मोदी की कैबिनेट में जगह न पाने वाली मेनका गांधी ने इच्‍छा प्रकट की थी कि उन्‍हें न सही कम से कम वरुण गांधी को मंत्रिमंडल में ही जगह मिल जाये.

सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी इसके लिए तैयार भी हो गये थे. लेकिन मेनका गांधी वरुण को कैबिनेट मंत्री बनवाना चाहती थीं, जबकि प्रधानमंत्री वरुण गांधी को राज्‍य मंत्री बनाना चाहते थे. सूत्र बताते हैं कि इसी के चलते वरुण गांधी शपथ लेने को तैयार नहीं हुए. हालांकि मंत्रिमंडल के विस्‍तार के बाद मेनका गांधी ने दो दिवसीय सुल्तानपुर दौरे के दौरान पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा था कि, हम 600-650 के करीब सांसद हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री कितनों को जगह दे सकते हैं, जिन्हें जगह मिली वो सही है.

लेकिन फि‍लहाल तो किसानों के लम्‍बे समय से चल रहे मसले पर वरुण गांधी के ट्वीट ने मंत्री न बन पाने की पुरानी बातों को लेकर उनकी नाराजगी की आशंका को जन्‍म तो दे ही दिया है और साथ ही दे दिया है पार्टी के अंदर और बाहर चर्चा करने का मुद्दा.

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