Rahul Gandhi News

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 मार्च को देश के सामने होंगे. 10 मार्च को ही पता चलेगा कि कौन सी पार्टी जीत रही है और कौन सी हार रही है. पर यह चुनाव हार या जीत दोनों स्थितियों में कांग्रेस (Congress) की अंदरूनी राजनीति पर काफी असर डालेगा.

अगर कांग्रेस पार्टी पंजाब में अपनी सरकार बचा लेती है और उत्तराखंड का चुनाव जीतने में सफल रहती है तो कांग्रेस की आगे की राहें कुछ आसान हो जाएंगी. पर हार की सूरत में अंदरूनी कला और बढ़ सकती है. पिछले कई विधानसभा चुनाव से कांग्रेस लगातार पिछड़ रही है.

अगर कांग्रेस पार्टी पांच राज्यों के चुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाती है तो विपक्ष में उसका रुतबा कमजोर होगा, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की स्वीकृति भी बड़े पैमाने पर नहीं होगी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले से ही कांग्रेस को किनारे कर तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद कर रही हैं. हालांकि उनकी कोशिशों को झटका शिवसेना और एनसीपी की तरफ से दिया जा चुका है.

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के अंदर भी असंतुष्ट नेताओं की फौज खड़ी हुई है. हालांकि वह असंतुष्ट नेता खुद कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए कुछ भी नहीं कर रहे हैं, लेकिन वह इस इंतजार में हैं कि अगर कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान ठीक नहीं रहता है तो वह एक बार फिर से राहुल गांधी के नेतृत्व पर, गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल खड़े करने के लिए तैयार बैठे हैं.

अगर कांग्रेस जीत जाती है तो

अगर कांग्रेस पार्टी पंजाब और उत्तराखंड के साथ एक और राज्य में सत्ता तक पहुंच जाती है तो विपक्ष में उसका रुतबा बढ़ेगा, पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं का सिलसिला भी रुक जाएगा और असंतुष्ट नेताओं के हौसले पस्त होंगे. असंतुष्ट नेताओं द्वारा मीडिया में बयानबाजी कांग्रेस के खिलाफ बंद होगी. वहीं गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के हौसले बुलंद हो जाएंगे. इसका असर सितंबर अक्टूबर में होने वाले कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव पर भी पड़ेगा.

इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम कांग्रेस के लिए काफी अहम साबित होने वाले हैं, कांग्रेस पार्टी को इसका अहसास है. इसलिए पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रही है. उत्तर प्रदेश में चुनाव बीजेपी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के बीच है, इसके बावजूद कांग्रेस अपनी जमीन तलाशने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है. क्योंकि इसका असर आंतरिक चुनाव पर भी होगा.

अगर कांग्रेस इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो राहुल गांधी की राह कहीं ना कहीं कांग्रेस के अंदर आसान होगी. राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस का अध्यक्ष बनने में समस्याएं नहीं होंगी. अगर कांग्रेस का प्रदर्शन कांग्रेसके उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता है तो पार्टी अंदरूनी कलह का सामना करेगी. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पहले से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही है.

पांच राज्यों का विधानसभा चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है और इसमें भी उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में अगर बीजेपी हार जाती है तो 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं और ऐसे वक्त में कांग्रेस पार्टी का मोराल हाई रहेगा. कांग्रेस पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में फुल कॉन्फिडेंस के साथ लड़ाई लड़ सकती है.

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