Zelensky's news

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का बड़ा कारण यह बताया जा रहा था कि रूस चाहता है कि यूक्रेन नाटो में शामिल ना हो. अब इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की (Zelensky) ने बड़ा बयान दिया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि वह यूक्रेन के नाटो में शामिल होने पर जोर नहीं दे रहे हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साथ ही यह भी कहा है कि रूस द्वारा मान्यता दिए गए दो अलगाववादी क्षेत्रों पर भी वह समझौता करने के लिए तैयार हैं. बता दें कि पुतिन ने यूक्रेन पर आक्रमण से ठीक पहले यूक्रेन के 2 क्षेत्रों को स्वतंत्र क्षेत्र की मान्यता दे दी थी.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका के टीवी चैनल एबीसी को सोमवार रात एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने नाटो, पुतिन और रूस द्वारा मान्यता दिए गए यूक्रेन के क्षेत्रों पर खुलकर बात की है. उन्होंने इस इंटरव्यू में हर पहलू को सामने लाने की कोशिश की है.

जेलेंस्की नाटो पर क्या बोल गए?

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इंटरव्यू के दौरान पूरी तरीके से स्पष्ट किया है कि वह इस बात पर अब जोर नहीं दे रहे हैं कि यूक्रेन नाटो में शामिल हो. उन्होंने नाटो से अपनी नाराजगी जताते हुए कहा है कि मुझे यह समझ में आ गया है कि नाटो हमें अपने संगठन में शामिल नहीं करना चाहता है.

उन्होंने कहा, जब मुझे यह बात समझ में आई तब मैंने नाटो में शामिल होने के सवाल को पीछे छोड़ दिया. नाटो विवादित चीजों और रूस के साथ टकराव से बेहद डरता है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि मैं एक ऐसे देश का राष्ट्रपति नहीं बनना चाहता हूं जो घुटनों पर गिरकर भीख मांगता है.

आपको बता दें कि, रूस का स्पष्ट कहना है कि उनकी कुछ मांगे हैं, जिन्हें यूक्रेन मांग लेता है तो यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई बिना देर किए तुरंत रोक दी जाएगी. रूस ने कहा है कि यूक्रेन अपने संविधान में बदलाव करें और यह स्पष्ट करें कि वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा. इसके अलावा भी रूस की कुछ मांगे हैं जिस पर वह अड़ा हुआ है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का नाटो पर दिया गया बयान काफी अहम माना जा रहा है. क्योंकि रूस की सबसे बड़ी समस्या यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की संभावना को लेकर ही है. नाटो सोवियत रूस के मुकाबला करने के लिए साल 1949 में बना था.

अलगाववादी क्षेत्रों पर भी जेलेंस्की ने रखी अपनी राय

यूक्रेन के दोनों क्षेत्रों को जिसे पुतिन में मान्यता दी है और अलगाववादियों का कब्जा है उसको लेकर रूस के राष्ट्रपति पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन भी इन दोनों क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दे जेलेंस्की से जब इन दोनों क्षेत्रों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा मैं सुरक्षा की गारंटी के बारे में बात कर रहा हूं रूस के अलावा किसी अन्य देश ने इन छद्म देशों को मान्यता नहीं दी है. लेकिन हम इस पर बातचीत कर सकते हैं. हम इस पर समझौता कर सकते हैं कि यह दोनों क्षेत्र आने वाले समय में कैसे रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि उन क्षेत्रों के वह लोग कैसे रहेंगे जो यूक्रेन का हिस्सा बनकर ही रहना चाहते हैं और यूक्रेन के उन लोगों का क्या, जो चाहते हैं कि यह क्षेत्र युक्रेन का हिस्सा बना रहे.

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