Raj Thackeray BJP

उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने लाउडस्पीकर विवाद पर फरमान जारी किया कि लाउडस्पीकर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का पालन हो. योगी आदित्यनाथ के लाउडस्पीकर पर किए गए इस ताबड़तोड़ एक्शन मोड से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) काफी प्रभावित नजर आए. राज ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए उन्हें भोगी तक बता दिया.

कभी बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी के कट्टर आलोचक रहे राज ठाकरे (Raj Thackeray) के सुर इन दिनों बीजेपी को लेकर कुछ बदले हुए नजर आ रहे हैं. मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग को लेकर महाराष्ट्र में शिवसेना को घेरने वाले राज ठाकरे ने इसी मुद्दे पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ भी की है. एक ऐसा वक्त भी था जब मोदी के विरोध में 2019 के लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे प्रचार कर रहे थे.

राज ठाकरे (Raj Thackeray) की राजनीति में आए इस बदलाव को उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और बीजेपी के बीच बढ़ती हुई नज़दीकियों के रूप में देखा जा रहा है. राज ठाकरे ने कट्टर हिंदुत्व की राह राजनीति में क्यों पकड़ी है? वह क्यों बीजेपी के करीब जा रहे हैं? राज ठाकरे और बीजेपी के बीच संभावित गठबंधन की क्या मंशा है?

इस वक्त हिंदुत्व की राजनीति करके राज ठाकरे (Raj Thackeray) फ्रंट फुट पर खेलने की कोशिश कर रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज ठाकरे का हिंदुत्व एजेंडा अचानक नहीं बल्कि सोच-समझकर उठाया गया कदम है और यह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राजनीतिक विस्तार का हिस्सा है. माना जा रहा है कि हिंदुत्व आधारित राजनीति से राज ठाकरे की पार्टी की गैर मराठी वोटरों के बीच भी स्वीकार्यता बढ़ेगी.

राज ठाकरे की वापसी हो रही है?

राज ठाकरे (Raj Thackeray) पिछले कुछ दिनों से खामोश थे. लेकिन इस वक्त वह हिंदुत्व के मुद्दे पर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. यह अवसर उन्हें शिवसेना से ही मिला है या फिर बीजेपी के साथ कुछ गुप्त समझौता है? राज ठाकरे ने हाल के दिनों में कट्टर हिंदुत्व के नाम पर राजनीतिक मुद्दे उठाकर शिवसेना सरकार को परेशानी में डालने की कोशिश की है. हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग की थी. इस मांग के बाद उन्होंने 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया.

राजनीतिक गलियारों में इन दिनों राज ठाकरे (Raj Thackeray) की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और बीजेपी के बीच गठबंधन की भी चर्चा है. पिछले महीने में राज ठाकरे पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लेकर राज्य बीजेपी प्रमुख चंद्रकांत पाटील समेत कई बीजेपी नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन बीजेपी के कई नेताओं का कहना है कि अभी गठबंधन का कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है.

माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी राज ठाकरे (Raj Thackeray) को नए हिंदुत्व नेता के रूप में खड़ा करना चाहती है. इससे उसे यह नैरेटिव तैयार करने में मदद मिलेगी कि उद्धव की अगुवाई वाली शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए हिंदुत्व के सिद्धांत से समझौता करके कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया. जानकारों के मुताबिक बीजेपी की योजना है कि अगर राज ठाकरे की पार्टी शिवसेना के 5 से 7% वोटों में भी सेंध लगा देती है तो इसका मुंबई नगरपालिका चुनाव पर काफी असर पड़ेगा.

माना जा रहा है कि बीजेपी इस उम्मीद में है कि राज ठाकरे (Raj Thackeray) भगवा झंडे के साथ अपने नए अवतार में स्थानीय निकाय चुनावों में कम से कम बड़े शहरों जैसे, कि मुंबई, ठाणे, कल्याण और नासिक में शिवसेना के वोट काटने में मदद कर सकते हैं. महाराष्ट्र में इस साल 15 नगर निगमों और 27 जिला परिषदों के चुनाव होने हैं. इन चुनावों को 2024 के लोकसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है.

कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना यह भी है कि बीजेपी को इस बात का यकीन है कि पार्टी के असली हिंदुत्व वोटर मोदी को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे. ऐसे में राज ठाकरे (Raj Thackeray) का कद बढ़ने से वह केवल मराठी वोट काट सकते हैं, जो कि शिवसेना को मिलते हैं. यानी रेस में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के आने से नुकसान शिवसेना को होगा. बीजेपी चाहती है कि राज ठाकरे ऐसे नए हिंदुत्ववादी नेता के रूप में ऊपर आए जो उन सैनिकों को वैकल्पिक मंच दे सकें, जो कि शिवसेना के कांग्रेस और एनसीपी के साथ जाने से नाराज हैं.

मोदी का विरोध और कांग्रेस का समर्थन कर चुके हैं राज ठाकरे

राज ठाकरे (Raj Thackeray) 2010 से ही नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के जोरदार समर्थक थे. 2014 के लोकसभा चुनाव में एक और राज ठाकरे नरेंद्र मोदी को अगला पीएम बनाने के लिए उनका प्रचार कर रहे थे. तो वहीं दूसरी और राहुल गांधी को आत्मविश्वास की कमी वाला नेता बनता कर कांग्रेस पर निशाना साध रहे थे.

लेकिन अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के खराब प्रदर्शन के बाद राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने अपनी राजनीति की दिशा बदलनी शुरू कर दी. धीरे-धीरे उन्होंने बीजेपी से किनारा और कांग्रेस की तरफ झुकना शुरू कर दिया. इसके बाद के वर्षों में राज ठाकरे प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी पर लगातार हमला व रहे थे और राहुल गांधी और कांग्रेस की तारीफ करने लगे थे.

गुजरात में हुए 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बीजेपी को कड़ी टक्कर देने के बाद राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने कार्टून के जरिए मोदी और अमित शाह की जोड़ी पर तंज कसते हुए राहुल गांधी की तारीफ की थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे ने शरद पवार की पार्टी और कांग्रेस के समर्थन में नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रचार किया. लेकिन इसका फायदा ना तो कांग्रेस एनसीपी को हुआ और ना ही राज ठाकरे की पार्टी को.

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