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उज्जैन शहर के बाद अब इंदौर में भी राम मंदिर के लिए धन संग्रह के दौरान पथराव की घटना हुई है. पथराव में दो दर्जन के लगभग लोग घायल हो गये हैं. घटनास्थल और इससे लगे क्षेत्रों में तनाव व्याप्त है. घटनाक्रम वाले क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

बता दें, अयोध्या में भव्य राम निर्माण मंदिर के लिए हिन्दू संगठन देश भर में जन जागरण अभियान चला रहे हैं. अभियान के तहत रैलियां निकाली जा रही हैं और मंदिर निर्माण के लिए चंदा भी मांगा जा रहा है. मध्य प्रदेश में भी अभियान चल रहा है. लेकिन यहां माहौल को बिगाड़ने वाली वारदात हो रही हैं. इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के चांदनखेड़ी ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार को राम मंदिर के समर्थन में रैली निकालकर मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह कर रहे राम भक्तों की मुसलिम समाज के लोगों के साथ झड़प हो गई.

झड़प बाद में मारपीट और पथराव में बदल गई. पत्थरबाजी में दोनों समुदाय के दो दर्जन से ज्यादा लोग ज़ख्म़ी हो गए. शिकायत है कि रैली के बीच एक धार्मिक स्थल के करीब हनुमान चालीसा का पाठ करने के दौरान विवाद हुआ. पहले कहासुनी हुई और बाद में धक्का-मुक्की. इसके बाद मामला मारपीट और पथराव तक पहुंच गया. बताया गया है कि रैली के दौरान पुलिस भी मौजूद थी. लेकिन विवाद के वक्त पुलिस की संख्या कम पड़ गई. सूचना मिलते ही इंदौर से अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया.

हालात को काबू में करने के साथ ही पुलिस ने मामले की छानबीन के बाद कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया. इंदौर से बीजेपी सांसद शंकर लालवानी ने पूरे घटनाक्रम की तीखी निंदा करते हुए कहा कि राम भक्तों पर पथराव बर्दाश्त योग्य नहीं है. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं. सांसद ने कहा कि किसी भी उत्पाती को बख्शा नहीं जायेगा.

इंदौर से पहले इसी तरह की घटना बीते 25 दिसंबर को उज्जैन में हुई थी. उज्जैन में भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र करने के उद्देश्य को लेकर हिंदू संगठन रैली निकाल रहे थे. रैली टावर चौक से होती हुई महाकाल क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर पहुंच रही थी, तभी बेगम बाग कालोनी क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों ने रैली पर पथराव कर दिया था. पत्थरबाजी करने वालों में महिलाएं भी शामिल रही थीं.

घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया था. उन घरों को तोड़ा गया था जो अतिक्रमण कर बनाये गये थे. चिन्हित लोगों में कुछ पर रासुका भी लगाई गई थी. मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए बुलाई गई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायक आरिफ मसूद ने इस मामले को उठाया था. आरिफ मसूद भोपाल मध्य से विधायक हैं. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता कमल नाथ की अगुवाई में हुई बैठक में मामले को उठाते हुए कांग्रेस विधायक मसूद ने आरोप लगाया था कि मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार चुन-चुनकर मुसलमानों को निशाना बना रही है.

मसूद का आरोप था कि पिछले दिनों स्वयं उन पर ठोस आधार ना होने के बावजूद रासुका लगाई गई. इसी तरह की कार्रवाई पूरे प्रदेश भर में मुसलिम सुमदाय के लोगों पर हो रही है. अतिक्रमण के नाम पर उनके घर और रोटीरोजी के साधनों को तोड़ा जा रहा है. विधायक दल की बैठक में कमल नाथ के साथ मसूद की तीखी बहस भी हुई थी. मसूद की नाराजगी को देखते हुए नाथ ने इस तरह के मामलों की जांच का भरोसा दिलाते हुए पार्टी की एक कमेटी बनाये जाने का आश्वासन दिया था. विधायक दल की बैठक को चार दिन से ज्यादा हो गये हैं, लेकिन अभी विधिवत तौर पर जांच कमेटी का गठन कांग्रेस ने नहीं किया है.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरूण यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र बुदनी में थे. यादव ने वहां एक प्रेस कांफ्रेंस की. यादव का आरोप है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और उनकी सरकार कांग्रेस के लोगों पर बदले की भावना के साथ कार्रवाई कर रही है. प्रशासन और पुलिस के अफसर बीजेपी पदाधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं और समुदाय विशेष के लोगों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है.

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