Bappi Lahiri

बप्पी लाहिड़ी (Bappi Lahiri) का 62 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. 80 और 90 के दशक में भी बनाए गए उनके गाने आज भी लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देते हैं. उनका गाना डिस्को डांसर अब भी लोगों की जुबान पर रहता है. बप्पी दा बहुत ही बेहतरीन कलाकार तो थे ही उनका व्यक्तित्व भी बहुत दिलचस्प था.बप्पी बप्पी दा ने 48 साल तक बॉलीवुड इंडस्ट्री पर राज किया और अपने करियर में 5000 से भी अधिक गाने कंपोज किए.

यह तो हर कोई जानता है कि संगीत के साथ-साथ बप्पी दा को कुछ और पसंद था तो वह सोना था, सोने से उनको बहुत प्यार था. बप्पी लाहिड़ी हर वक्त सोने से लगे रहते थे. सोना पहनने के पीछे वजह यह थी कि वह सोने को लकी मानते थे अपने लिए. उन्होंने इसका कारण भी बताया था कि, उन्हें जब सोना दिया गया उनके गाने भी उसी तरह हिट होते रहे.

अब जबकि उनका निधन हो चुका है तो सवाल उठता है कि इतना सारा सोना आखिर किसे दिया जाएगा? उनके करीबी सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि बप्पी दा के सोने का क्या होगा, सूत्रों के मुताबिक बप्पी दा अपने सोने को बहुत सुरक्षित रहते थे. वह इन्हें एक प्रोटेक्टिव केस में रखा करते थे. खुद बप्पी दा इनकी सफाई करते थे और संभालते थे.

बप्पी दा के करीबी सूत्रों से जानकारी मिली है कि वह सोने के साथ एक गहरा और निजी रिश्ता साझा करते थे. यह उनके लिए सिर्फ गहना नहीं था, उन्हें इसका अहसास था कि सोना ही उनका सिग्नेचर लुक बन चुका है. उन्हें इस बात की बेहद खुशी थी कि उन्होंने सोने से अपने लिए एक आईकॉनिक लुक तैयार किया है.

बप्पी दा का अपना स्पेशल असिस्टेंट और हेल्पर भी था, जो उनके गोल्ड की रखवाली किया करता था. वह इन सभी सोने के गहनों के लिए पर्सनल लिस्ट रखते थे. रिपोर्ट्स कि अगर मानी जाए तो बप्पी दा अपनी रॉयल्टी की कमाई से सोना खरीदते थे. सोने के साथ उनका आध्यात्मिक रिश्ता था.

कई मौके ऐसे भी देखने को मिले जब फैंस और कई सेलिब्रिटी बप्पी दा से उनके सोने की चैन के साथ फोटो लेने की इजाजत मांगते थे, लेकिन बप्पी दा अपने अनोखे अंदाज में विनम्रता के साथ मना कर देते थे. उन्हें पसंद नहीं था कि कोई उनके गहनों को छुए. जो लोग उनसे मिलने आते या उनके पैर छूने आते थे बप्पी दा उनसे दूरी बनाए रखने की कोशिश करते थे.

बप्पी दा किसी को भी अपना गोल्ड छूने की इजाजत नहीं देते थे. ऐसे में अब उनके गहनों का क्या होगा? सूत्रों की मानें तो बप्पी दा ने इतने सालों में सोने की चैन, पेंडेंट, अंगूठी, ब्रेसलेट, भगवान गणेश की मूर्ति, हीरा जड़ा ब्रेसलेट और भी गोल्ड इकट्ठा किए थे. यह सभी गहने ट्रांसपेरेंट केसेज और डिब्बे में रखे हुए हैं.

परिवार के नजदीकी सूत्रों से जो जानकारी निकल कर आ रही है उसके मुताबिक बप्पी दा का बेटा बप्पा और बेटी रीमा ने अपने पिता के सोने को संरक्षित रखने का फैसला लिया है. वह अपने पिता की लेगेसी को हमेशा ऐसे ही रखने का प्लान कर चुके हैं. बप्पी दा जो चेन और अंगूठी रोज पहनते थे उन्हें एक अलग डिब्बे में रखा गया है. इसके अलावा बप्पी दा को सोने के कई तोहफे उनके फैंस से और उनके साथ काम करने वालों से मिले हैं, यह सब और विरासत के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा.

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