Punjab assembly elected

आज यानी रविवार को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इस चुनाव में मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित तीन मुख्यमंत्रियों के भाग्य का फैसला होगा. इसके अलावा कई पार्टियों के दिग्गज नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. लंबे समय तक चले चुनाव अभियान के बाद आज पंजाब के 2.14 करोड़ मतदाता 170 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 1304 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.

इस बार के विधानसभा चुनाव में जिन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है उसमें शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक व राज्य के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल, पिछले साल मुख्यमंत्री पद से हटाए गए कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल भी शामिल है. प्रकाश सिंह बादल लांबी से, कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला से और राजेंद्र भट्ठल लहरागागा से चुनाव लड़ रही हैं.

मौजूदा मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भी हैं. वह अपने पुराने चुनावी अखाड़े चमकौर साहिब से एक बार फिर ताल ठोक रहे हैं. इसके अलावा वह भदौर से भी चुनाव लड़ रहे हैं. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्व से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनके खिलाफ अकाली दल के दिग्गज नेता विक्रम मजीठिया चुनाव मैदान में है.

नवजोत सिंह सिद्धू को अपनी सीट जीतना बहुत जरूरी है और फाइट बहुत तगड़ी है. नवजोत सिंह सिद्धू और मजीठिया के लिए यह चुनाव करो या मरो वाला चुनाव है. मजीठिया के लिए हार का मतलब है अकाली दल नेता के लिए दोहरी परेशानी होगी, जिन्होंने सिद्धू की चुनौती को स्वीकार करने के बाद पत्नी गनीव कौर के लिए अपना गृह नगर मजीठा खाली कर दिया.

वही अमरिंदर सिंह के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई होगी. कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी पंजाब लोग कांग्रेस पार्टी बनाई और चुनाव के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया. अगर उन्हें कांग्रेस को संदेश देना है तो में पटियाला सीट जितनी होगी. अन्यथा यह उनके लिए शर्मनाक होगा. अमरिंदर को उनकी पार्टी के प्रदर्शन के लिए भी आंका जाएगा, खासकर उन रिपोर्टों के मद्देनजर जिनमें कई उम्मीदवार बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं.

वही यह पंजाब विधानसभा चुनाव दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए भी काफी अहम है. अरविंद केजरीवाल पंजाब का विधानसभा चुनाव जीतने के लिए जी जान से लगे हुए हैं. अरविंद केजरीवाल पर उनके पुराने साथी कुमार विश्वास ने कई तरह के आरोप भी लगाए हैं, हालांकि केजरीवाल घुमा फिरा कर बातें कर रहे हैं उन आरोपों पर, लेकिन आरोपों पर सीधा जवाब नहीं दे पाए हैं अभी तक.

बीजेपी की प्रतिष्ठा भी पंजाब में दांव पर है

हालांकि पंजाब में बीजेपी के लिए कुछ खास नहीं है. पंजाब में बीजेपी की जमीन कहीं भी नहीं है, लेकिन डेरा सच्चा सौदा का इस इलेक्शन में बीजेपी के लिए वोटिंग करने का फरमान जारी हुआ है. डेरा सच्चा सौदा के 40 लाख फॉलोअर्स के लिए देर रात जारी हुआ है कोड वर्ड. बताया जा रहा है कि पंजाब में 70 सीटों पर राम रहीम के भक्तों का असर है. राम रहीम अभी पैरोल पर है. बीजेपी पर कई तरह के आरोप भी लग रहे हैं राम रहीम को लेकर. बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर है.

खुलेआम नहीं हो रहा है ऐलान

बीजेपी के समर्थन की बात को पब्लिक डोमेन में नहीं लाया जा रहा है, इसकी भी एक वजह है. सामना सीट से निर्दलीय प्रत्याशी परमजीत सिंह कोहली ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि डेरा सच्चा सौदा का वोट हासिल करने के लिए बीजेपी सरकार ने डेरा प्रमुख राम रहीम को पैरोल दिलाया है. हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को सोमवार को जवाब दाखिल करने का नोटिस भी भेजा है. हालांकि रविवार को ही वोटिंग हो रही है, इस वजह से इस याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. फिर भी डेरे की कोशिश यही है कि फॉलोअर्स को गुपचुप तरीके से बीजेपी को वोट करने का मैसेज पहुंचाया जाए.

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