Petrol and Diesel 80 Paise

पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) के दामों में देश में लगातार बढ़ोतरी जारी है. तेल कंपनियों ने साढ़े 4 महीने तेल की कीमतों को स्थिर रखने के कारण जो नुकसान झेला है उसकी भरपाई अब रोजाना इनकी कीमतों में इजाफा कर आम जनता से वसूल कर रही हैं. पिछले 15 दिनों में ही 13 बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.

पिछले कुछ दिनों में जो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है उसमें 10 बार 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर तेल कंपनियां कीमतों में 80 पैसे की ही वृद्धि क्यों करती हैं?

तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल पर 80 पैसे और बढ़ा दिए हैं. पिछले 15 दिन में सिर्फ 2 दिन 24 मार्च और 1 अप्रैल को तेल कंपनियों द्वारा जो कीमतें बढ़ाई गई हैं उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. बाकी बचे हर दिन इसमें बढ़ोतरी की गई है. तेल की कीमतों में 22 मार्च से बढ़ोतरी शुरु कर दी गई थी, जो धीरे-धीरे देश की आम जनता पर बोझ को बढ़ा रही हैं.

सवाल यह उठता है कि आखिर 80 पैसे की बढ़ोतरी का क्या फार्मूला है? कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि करने के लिए तेल कंपनियों के पास पहले एक सर्कुलर आया था, जिसमें हिदायत दी गई थी कि इनकी कीमतों में अधिकतम बढ़ोतरी एक रुपए तक ही की जा सकती है. इसके बाद काफी गहन और विचार करने के बाद कंपनियों ने अपने स्तर पर अधिकतम लिमिट 80 फ़ीसदी तय की.

इसके बाद से ही देखने को मिलता है कि तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल के दाम में रोजाना के आधार पर जो बढ़ोतरी करती हैं उनमें ज्यादातर वृद्धि 80 पैसे प्रति लीटर की ही होती है. जिस हिसाब से तेल कंपनियां धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा कर रही हैं उससे लोगों पर बोझ बढ़ रहा है. इसके साथ ही महंगाई का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. लेकिन हाल फिलहाल पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि का सिलसिला थमने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है.

कई रिपोर्ट्स में इस बात का अनुमान लगाया गया था कि तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई करने के लिए एकदम पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी करने की बजाय धीरे-धीरे वृद्धि करेंगी. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया था कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में आने वाले दिनों में क्रमशः 15 से 22 तक की बढ़ोतरी की जा सकती है.

आपको बता दें कि रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. सुबह 6 बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं. पेट्रोल और डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जुड़ने के बाद इसका दाम लगभग 2 गुना हो जाता है. इन्हीं मानकों के आधार पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं.

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