Yogi

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण के बीच विपक्ष ने कई बार चाचा चाचा कह कर उन्हें छेड़ा. नेताओं ने इस शब्द का इस्तेमाल उस वक्त किया, जब सदन में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव से कुछ दूर पीछे ही उनके चाचा शिवपाल यादव बैठे थे. सीएम इस दौरान अपने चेहरे की हंसी नहीं रोक सके.

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब भी दिया और कहा कि वह इस मुद्दे पर आ रहे हैं और आगे बोलेंगे. जबकि अखिलेश-शिवपाल समेत अन्य नेता उस वक्त हंसने लगे थे. यह मामला शुक्रवार 27 मई 2022 का है. दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समाजवादी शासन के दौर में सूबे के हाल, उत्पादन और छवि का जिक्र करते हुए मौजूदा स्थिति का ब्यौरा दे रहे थे.

इसी बीच आवाजें आने लगी कि चाचा पर भी तो आइए. योगी हल्की सी मुस्कान के साथ बोले आ रहा हूं.. चाचा पर भी आ रहा हूं. योगी से हुए सवाल और उस पर आए उनके जवाब पर विपक्ष में बैठे नेता अखिलेश यादव हंसने लगे. वैसे कुछ नेता ऐसे भी थे जो फौरन शिवपाल सिंह यादव की ओर देखने लगे. समझा जा सकता है कि वह यह देखना और समझना चाह रहे थे कि योगी से हुए इस सवाल के दौरान अखिलेश के रूठे चाचा का क्या रिएक्शन रहा.

योगी आदित्यनाथ इसके बाद अपनी बात आगे बढ़ाने लगे. पर फिर से नेता उन्हें टोकने. लगे वह इस पर अपनी हंसी ना काबू कर सके.. वह बोले चाचा के नाम पर आज भी लोग इतना कर रहे हैं. चाचा से अखिलेश यादव की दूरियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने उन्हें घेरा. कहा विकास की यात्रा में रास्ते अलग हो सकते हैं पर हमें मिलकर आगे बढ़ना होगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, यात्रा साथ-साथ आपकी भी चल रही है और हमारी भी चल रही है. पर अंतर यह है कि हम साथ-साथ भी हैं और पास-पास भी हैं. लेकिन आप पास-पास तो हैं, पर साथ-साथ नहीं हैै. यह आपकी सबसे बड़ी विफलता है.

इसके अलावा एक और दिलचस्प नजारा देखने को मिला. उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी नेता शिवपाल यादव की तारीफ की तो नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव यह कहते हुए सरकार की चुटकुले रहे थे कि, मुख्यमंत्री को हमारे चाचा की बड़ी चिंता है और तो और वह भी उन्हें चाचा बोल रहे हैं. दरअसल एक दिन पहले विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए शिवपाल यादव को मेहनती और ईमानदार नेता बताते हुए उनकी तारीफ की थी.

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद शिवपाल यादव और अखिलेश यादव में लगातार मनमुटाव की खबरें आ रही हैं. वहीं अप्रैल में शिवपाल यादव के बारे में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि भाजपा से मिलने वाला सपा नहीं रहेगा. उनकी इस टिप्पणी को शिवपाल ने गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा था कि अगर अखिलेश ऐसा ही सोचते हैं तो उन्हें पार्टी से निकाल दें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here