Congress of Goa

गोवा में कांग्रेस के 8 विधायकों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग भी तेज हो गई है. बीजेपी ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर तंज किया है तो कांग्रेस ने इसे “ऑपरेशन कीचड़’ का नाम दिया. कांग्रेस के पास गोवा में कुल 11 विधायक थे, जो मार्च में आए नतीजों के बाद जीत कर आए थे.

पार्टी न छोड़ने की कसम खाई थी

2019 में हुई टूट के बाद कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनाव में गोवा के अपने उम्मीदवारों से एक शपथ पत्र लिया था, जिसमें उम्मीदवारों ने यह कसम खाई थी कि वह 5 साल तक पार्टी नहीं छोड़ेंगे. इस हलफनामे पर राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी उम्मीदवारों ने साइन किया था और शपथ ली थी. अब गोवा में कांग्रेस के पास 11 विधायक थे और क्योंकि 8 विधायक बीजेपी के साथ चले गए हैं और इनकी संख्या दो तिहाई से ज्यादा है इसलिए इन पर दल बदल वाला कानून लागू नहीं होता है.

गोवा कांग्रेस के विधायक इसी तरह 2019 में पार्टी छोड़ कर चले गए थे, जिसके बाद इसी साल मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी के सामने इन विधायकों ने शपथ ली थी कि वह कांग्रेस छोड़कर नहीं जाएंगे. लेकिन 6 महीने भी विधायकों की वह कसम नहीं टिक पाई. इस पूरे मामले में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि बीजेपी ने फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ तोड़ना जानती है. हमारी भारत जोड़ो यात्रा से बौखलाई बीजेपी ने गोवा में ऑपरेशन कीचड़ को अंजाम दिया है. भारत देख रहा है.

कांग्रेस ने मार्च 2022 में आए नतीजे के बाद 11 सीटें जीती थी. बीजेपी से आए माइकल लोबो को नेता प्रतिपक्ष बना दिया गया था, जिससे मुख्यमंत्री उम्मीदवार की दौड़ में शामिल दिगंबर कामत नाराज बताए जा रहे थे. विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गिरीश चोडनकर से इस्तीफा ले लिया गया और अमित पाटेकर के हाथों में गोवा कांग्रेस की कमान दे दी गई, जिसके बाद पार्टी में गुटबाजी तेज हो गई थी.

इस गुटबाजी का असर राष्ट्रपति चुनावों के वक्त भी देखा गया था. पार्टी के 4 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, लेकिन कांग्रेस में गुटबाजी पर कड़ा कदम नहीं उठाया. विधानसभा चुनाव में हार के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा हो गया लेकिन प्रदेश प्रभारी दिनेश गुंडूराव बने रहे जिससे पार्टी में कई लोग नाराज हो गए थे. इसमें वह लोग भी शामिल थे जो गिरीश चोडनकर के करीबी थे. जुलाई में भी बगावत की खबरें थी लेकिन कांग्रेस ने उस वक्त सक्रियता दिखाई और बगावत को रोक लिया.

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