himachal election results

2017 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता गवा दी थी और यह वैसे ही था जैसे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई थी. मलिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने के बाद गुजरात तो नहीं लेकिन हिमाचल प्रदेश इस बार अच्छी खबर लेकर आया है. कांग्रेस अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश की जीत को अपने लिए शुभ संकेत मान सकते हैं.

ऐसा लग रहा है जैसे पहाड़ पर कांग्रेस को संजीवनी बूटी मिल गई हो. 80 साल की उम्र में मलिकार्जुन खड़गे के लिए यह कोई मामूली खबर नहीं होनी चाहिए, क्योंकि 6 महीने के भीतर ही कर्नाटक विधानसभा के लिए भी चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस अध्यक्ष कर्नाटक से ही आते हैं और उनके कांग्रेस अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया को भारत जोड़ो यात्रा के कर्नाटक में होने के दौरान जोड़कर पेश किया गया था.

इसके अलावा अगर बात करें प्रियंका गांधी की तो हिमाचल प्रदेश की जिम्मेदारी 1 तरीके से उनके कंधों पर ही देखी गई, क्योंकि राहुल गांधी ने तो वहां पर कोई चुनावी रैली ही नहीं की. प्रियंका गांधी हिमाचल प्रदेश के चुनावों में काफी सक्रिय नजर आईं. उन्होंने कई चुनावी रैलियां की. इसके अलावा जनता से कई वादे किए थे जो अब सरकार बनने के बाद पूरे भी होने चाहिए.

मीडिया क्या खेल खेल रहा है?

बीजेपी गुजरात का विधानसभा चुनाव जीत चुकी है और हिमाचल प्रदेश की सत्ता उसके हाथों से निकल चुकी है. दोनों ही जगह प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी-बड़ी रैलियां की. लेकिन मीडिया में बताया जा रहा है कि गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी की बंपर जीत, प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात ने दिल खोलकर वोट दिया. मीडिया में गुजरात की जीत को प्रधानमंत्री मोदी की जीत बताया जा रहा है. ठीक इसके उलट हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों को लेकर कहीं भी मीडिया में प्रधानमंत्री मोदी का नाम नहीं लिया जा रहा है, उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने बीजेपी के हाथों से सत्ता छीन ली है. लेकिन जहां गुजरात में बीजेपी की बंपर जीत बताई जा रही है तो वहीं हिमांचल को लेकर मीडिया में कहा जा रहा है कि रिवाज कायम रहा. बताया जा रहा है कि साढ़े तीन दशक से हिमांचल में हर 5 साल पर सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड रहा है और वही हुआ है.

मीडिया में कहीं भी इसे प्रधानमंत्री मोदी की हार नहीं बताई जा रही है. वही हिमांचल में बीजेपी के वोट शेयर को दिखाकर मीडिया कांग्रेस की जीत को कम कर दिखा रही है. गुजरात में बीजेपी की जीत का अकेला शोमैन प्रधानमंत्री मोदी को मीडिया द्वारा बताया जा रहा है. लेकिन हिमांचल की हार को लेकर उनका नाम तक नहीं लिया जा रहा है.

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