president of congress

कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा इसे लेकर पिछले कई महीनों से कांग्रेस के अंदर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि पार्टी नेता राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनने से पूरी तरीके से इनकार कर दिया है. इसके अलावा जानकारी यह भी आ रही है कि गांधी परिवार से कोई भी कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं होगा, यह भी लगभग तय हो गया है. अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि गांधी परिवार से बाहर का वह नाम कौन सा होगा, इसको लेकर भी स्थिति लगभग स्पष्ट होने वाली है.

आपको बता दें कि राहुल गांधी कांग्रेस में गांधी परिवार से बाहर के किसी नेता को अध्यक्ष बनाने पर जोर दे रहे हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और उसी वक्त से सोनिया गांधी बतौर अंतरिम अध्यक्ष कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. हालांकि कांग्रेस के बड़े नेता कई बार कह चुके हैं कि कांग्रेस के सभी नेता राहुल गांधी को ही अध्यक्ष के पद पर देखना चाहते हैं.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को ही कहा था कि कांग्रेस तभी फिर से खड़ी हो सकती है जब राहुल गांधी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को संभाले और ऐसा ना होने पर लोगों को निराशा होगी. उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी राहुल गांधी को मनाने की कोशिश करेगी. कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी अगर पार्टी अध्यक्ष ना बनने की जिद पर अड़े रहे तो कोई भी उन्हें इस बात के लिए राजी नहीं कर सकता.

कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू होनी थी, लेकिन राहुल गांधी के रुख की वजह से चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं हो सका है. जबकि कांग्रेस ने ऐलान किया था कि नया अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू हो जाएगी और 20 सितंबर 2022 तक पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा. अब कांग्रेस नेताओं का मानना है कि अगस्त के अंत तक कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान हो सकता है.

कौन होगा कांग्रेस का अध्यक्ष?

कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले हैं. इस दौरान सोनिया गांधी ने उनसे कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने का आग्रह किया है. अशोक गहलोत अगर कांग्रेस के अध्यक्ष बनते हैं तो राजस्थान में मुख्यमंत्री के पद पर सचिन पायलट की ताजपोशी होती हुई दिखाई दे रही है. अगर राजस्थान में पार्टी के अंदर कुछ उथल-पुथल पिछले कुछ सालों से है तो उसको भी ऐसी स्थिति में दबाया जा सकता है. सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद देकर नए चेहरे के साथ राजस्थान के चुनावी मैदान में कांग्रेस उतर सकती है.

अशोक गहलोत के पास सियासत का लंबा अनुभव है और वह कांग्रेस में संगठन महासचिव के पद पर राहुल गांधी के सहयोगी के रूप में भी काम कर चुके हैं. अगर गांधी परिवार से बाहर किसी नेता को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाता है तो ऐसी स्थिति में कांग्रेस बीजेपी के उस आरोप का भी जवाब दे सकेगी जिसमें बीजेपी कहती है कि कांग्रेस में गांधी परिवार से बाहर के किसी नेता को अध्यक्ष बनने का मौका बहुत मुश्किल से मिलता है. हालांकि कांग्रेस में बहुत से ऐसे अध्यक्ष हुए हैं जो गांधी परिवार से बाहर के रहे हैं.

क्या कोई दूसरा फार्मूला भी है?

कुछ सूत्रों का कहना है कि दो कार्यवाहक अध्यक्ष का चुनाव भी हो सकता है, एक उत्तर भारत से तथा दूसरा कार्यवाहक अध्यक्ष दक्षिण भारत से लिए जाने की चर्चा भी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर भारत में जिस नेता का नाम कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर चल रहा है उसमें पहला नाम सचिन पायलट का है. क्योंकि सचिन पायलट को लेकर बीते कुछ दिनों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें न सिर्फ आगे बड़ी जिम्मेदारी देने का आश्वासन दिया है, बल्कि खुले मंच से एक बार तो राहुल गांधी ने भी उनके धैर्य की परीक्षा की तारीफ की थी.

ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सचिन पायलट मजबूत दावेदार कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर हो सकते हैं. हालांकि दूसरे नाम के तौर पर राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता का नाम भी सामने आया है. जबकि दक्षिण भारत के कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर मलिकार्जुन खरगे और केरल के प्रदेश अध्यक्ष के सुधाकरण सहित केरल के दो अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम की चर्चा है.

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