Shashi Tharoor Rahul

इस वक्त राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा को लेकर चर्चाओं में हैं. कांग्रेस की यह यात्रा राजनीतिक और सामाजिक रुप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस यात्रा को जिस तरह का जनसमर्थन अभी तक हासिल हुआ है वह ऐतिहासिक जान पड़ता है. लेकिन इस यात्रा के बीचो-बीच राजस्थान कांग्रेस में जो कुछ भी हुआ है उसको लेकर कहीं ना कहीं राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल खड़े हुए हैं. इन सबके बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. कांग्रेस की तरफ से दो उम्मीदवार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं.

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में कई नाम सामने आए और इसी बीच राजस्थान कांग्रेस में भी उथल-पुथल देखने को मिली. लेकिन फाइनल 2 नाम सामने आ चुके हैं. मलिकार्जुन खरगे और शशि थरूर (Shashi Tharoor) कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं. शशि थरूर जोर शोर से अपने लिए प्रचार भी कर रहे हैं. शशि थरूर के इंटरव्यू काफी चर्चा में है और बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि शशि थरूर को गोदी मीडिया आगे बढ़ा रहा है. इस बीच शशि थरूर ने राहुल गांधी को लेकर एक बयान दिया है जिसकी काफी चर्चा हो रही है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी के कुछ नेताओं ने शशि थरूर की उम्मीदवारी वापस लेने के लिए कहा था. यह दावा खुद कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शशि थरूर ने किया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने मुझसे कहा कि वह उनसे अपना नामांकन वापस लेने के लिए नहीं कहेंगे, क्योंकि चुनावी मुकाबले में सबसे पुरानी पार्टी को फायदा होगा.

उन्होंने कहा कि राहुल ने मुझे याद दिलाया कि वह पिछले 10 साल से ऐसा कहते आ रहे हैं कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला होना चाहिए. उन्होंने मुझे यह भी बताया कि कुछ लोगों ने उनसे मेरी उम्मीदवारी वापस लेने का अनुरोध करने के लिए कहा है. उन्होंने मुझसे कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि मुझे पीछे नहीं हटना चाहिए और मुझे चुनाव लड़ना चाहिए.

इसके अलावा शशि थरूर ने कहा कि मैं पार्टी के बड़े नेताओं से किसी समर्थन की उम्मीद नहीं कर रहा था और मैं अभी इसकी उम्मीद नहीं कर रहा हूं. वास्तव में मैं नागपुर वर्धा और फिर हैदराबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिला. वह वही है जो मुझसे चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं. मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि मैं पीछे नहीं हटूंगा. मैं उन लोगों के साथ विश्वासघात नहीं करूंगा, जिन्होंने अब तक मेरा समर्थन किया है. मुझ पर उनका विश्वास ही मुझे आगे बढ़ाने की ताकत देता है.

और क्या कहा Shashi Tharoor ने?

शशि थरूर ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि वह उम्मीदवारों के बीच सार्वजनिक बहस चाहते हैं और इसके लिए तैयार भी हैं. उन्होंने कहा कि इससे लोगों की उसी तरह से पार्टी में दिलचस्पी पैदा होगी जैसे कि हाल ही में ब्रिटेन के कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व पद के चुनाव को लेकर हुई थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों के दिलों में नेहरू गांधी परिवार की हमेशा खास जगह रही है और रहेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मौजूदा चुनौतियों का जवाब प्रभावी नेतृत्व और संगठनात्मक सुधार के संयोजन में निहित है. उन्होंने कहा कि संगठनों का उच्च स्तर पर नेतृत्व करने का मेरा विश्वसनीय ट्रैक रिकॉर्ड रहा है.

दूसरी तरफ मलिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि वह इस चुनाव में किसी के विरोध में नहीं बल्कि पार्टी को मजबूत करने के लिए उतरे हैं. उन्होंने इस धारणा को भी खारिज कर दिया कि उन्हें गांधी परिवार का समर्थन हासिल है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ और युवा नेताओं के कहने पर वह चुनाव मैदान में उतरे हैं. आपको बता दें कि पहले अशोक गहलोत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाले थे और ऐसा कहा जा रहा था कि गांधी परिवार भी ऐसा ही चाह रहा था. लेकिन जिस तरह से राजस्थान में कांग्रेस के नेताओं के बीच आपसी टकराव दिखाई दिया उससे उनकी उम्मीदवारी को झटका लगा और उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया.

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