Saddam Hussein

सद्दाम हुसैन इराक में लगभग 2 दशक से अधिक वक्त तक शासन किया. इराक के पूर्व राष्ट्रपति को उत्तरी बगदाद में फांसी दी गई थी. उन्हें स्थानीय समयानुसार तड़के 6 बजे फांसी दी गई थी. मानवता के खिलाफ अपराध करने के जुर्म में उन्हें अदालत ने सजा सुनाई थी. कहा जाता है कि हथकड़ियों में सद्दाम को चुपचाप फांसी के तख्ते तक ले जाया गया था.

बताया जाता है कि पूरी घटना की वीडियो फिल्म बनाई गई थी. फांसी के वक्त जब उन्हें ले जाया जा रहा था उस वक्त सद्दाम के हाथ में पवित्र कुरान थी और वह काफी हताश नजर आ रहे थे. जब उन्हें फांसी दी जा रही थी उस वक्त उन्होंने किसी तरह का विरोध नहीं किया था, लेकिन काला नकाब पहनने से इंकार कर दिया था.

सद्दाम हुसैन को वर्ष 1982 में इराक में हुए दुजैल जनसंहार मामले में दोषी पाया गया था और इसी जुर्म में उन्हें फांसी की सजा दी गई थी. वर्ष 1982 में सद्दाम हुसैन पर जानलेवा हमले की कोशिश के बाद दुजैल में 148 शियाओं को मार दिया गया था. सद्दाम और उनके सहयोगियों को इसी मामले में दोषी पाया गया था. उन्हें फांसी दिए जाने से 1 दिन पहले उनके वकील ने वाशिंगटन में अदालत में अपील की थी कि सद्दाम को इराकी अधिकारियों के हवाले ना करने के निर्देश दिए जाएं. लेकिन अमेरिकी अदालत ने इस अपील को खारिज कर दिया था.

हुई थी ये अजीब घटना

Saddam Hussein2

सद्दाम हुसैन की सुरक्षा में लगाए गए 12 अमेरिकी सैनिक उनकी जिंदगी के आखिरी लम्हों के अच्छे दोस्त थे. सद्दाम हुसैन के आखिरी क्षणों में उनके साथ रहे इन 12 अमेरिकी सैनिकों को “सुपर ट्वेल्व” कहकर पुकारा जाता था. इन 12 सैनिकों में से एक “विल बार्डनवर्पर” ने एक किताब लिखी थी. किताब का नाम था “द प्रिजनर इन हिज पैलेस, हिज अमेरिकन गॉड्स, एंड व्हाट हिस्ट्री लेफ़्ट अनसैद अनसेड”. इस किताब में उन्होंने सद्दाम हुसैन की सुरक्षा करते हुए उनके अंतिम दिनों की बातें लिखी है.

विल बार्डनवर्पर का मानना है कि जब उन्होंने सद्दाम हुसैन को उन लोगों के हवाले किया जो उन्हें फांसी देने वाले थे तो सद्दाम की सुरक्षा में लगे सभी सैनिकों की आंखों में आंसू थे. उन्होंने अपने एक साथी के हवाले से अपनी किताब में लिखा हैं कि हमने सद्दाम हुसैन को एक मनोविकृति हत्यारे के रूप में कभी नहीं देखा. हमें तो वह अपने दादा की तरह दिखाई देते थे. सद्दाम पर अपने 148 विरोधियों की हत्या करने का मुकदमा चलाया गया था. सद्दाम हुसैन को मीठा खाने का बहुत शौक था.

विल बार्डनवर्पर ने अपनी किताब में लिखा है कि सद्दाम हुसैन के आखिरी दिनों में ऐसा उन्हें देखकर कभी नहीं लगा कि वह अपने जीवन काल में एक क्रूर तानाशाह हुआ करते थे. उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि सद्दाम हुसैन को बागवानी का बहुत शौक था और वह जेल में उगी झाड़ियों तक को अच्छे बगीचे में तब्दील कर दिया करते थे. सद्दाम हुसैन को जब भी मौका मिलता था वह उनकी सुरक्षा कर रहे सैनिकों से उनके परिवार का हालचाल पूछते थे.

इस किताब में सबसे चकित करने वाली बात वह है जहां यह बताया गया है कि सद्दाम के मरने पर उनकी सुरक्षा करने वाले सैनिकों ने बकायदा शोक मनाया था. किताब में लिखा है कि एक सुरक्षा करने वाले सैनिक ने सद्दाम हुसैन की फांसी के बाद ऐसा कहा था कि जैसे मानो हमने सद्दाम हुसैन के साथ गद्दारी की है. जबकि सद्दाम हुसैन अमेरिका के कट्टर दुश्मन माने जाते थे और उनकी सुरक्षा कर रहे सैनिक अमेरिकी ही थे.

सद्दाम हुसैन की सुरक्षा करने वाले सैनिकों को उनकी फांसी के बाद ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने कोई गद्दारी की हो. उन्होंने एक ऐसे शख्स को मार दिया जो उनके बहुत ज्यादा करीब था. वह सैनिक अपने आपको सद्दाम हुसैन का हत्यारा समझ रहे थे. सद्दाम हुसैन को फांसी देने के बाद जब उनके शव को बाहर ले जाया गया था तो वहां खड़ी भीड़ ने उनके ऊपर थूका था और शव के साथ बदसलूकी की थी और यह सब कुछ देख कर सद्दाम की अंतिम समय तक सुरक्षा करने वाले 12 सैनिक भौंचक्के रह गए थे, ऐसा इस किताब में लिखा है.

किताब में लिखा हुआ है कि सद्दाम अपने अंतिम दिनों तक इस उम्मीद में थे कि उन्हें फांसी नहीं होगी. 30 दिसंबर 2006 को सद्दाम हुसैन को सुबह 3 बजे उठाया गया. उन्हें बताया गया कि उन्हें थोड़ी देर में फांसी दे दी जाएगी. यह सुनते ही सद्दाम हुसैन के भीतर मानो कुछ टूट सा गया. वह चुपचाप नहाए और अपने आप को फांसी के लिए तैयार किया.

आपको बता दें कि वर्ष 2003 में अमेरिका और ब्रिटेन ने इराक पर सामूहिक विनाश के हथियार होने का आरोप लगाया. लेकिन इराक ने इसका खंडन किया. जब संयुक्त राष्ट्र में इस मामले पर आम राय नहीं बन पाई तो अमेरिका और ब्रिटेन के नेतृत्व वाली सेनाओं ने इराक पर हमला किया और अप्रैल 2003 में सद्दाम हुसैन को सत्ता से बाहर कर दिया और फिर आखिर में 2006 में सद्दाम हुसैन को फांसी की सजा हुई.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here