Bageshwar Dham Sarkar

मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री आजकल चर्चा में बने हुए हैं. यह चर्चा नागपुर से शुरू हुई जब उन पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगा. अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति ने कहा कि जब बागेश्वर धाम सरकर को चमत्कार साबित करने के लिए चुनौती दी गई हो तो कथा बीच में ही छोड़कर वह चले गए.

पिछले दिनों धीरेंद्र शास्त्री ने कई मीडिया कर्मियों के सामने चमत्कार करने का दावा किया. एक नेशनल न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर के चाचा का नाम लेकर मंच से बुलाया. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. बाबा के अनुयाई इसे चमत्कार मानने लगे.

धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरिए बाबा की फैन फॉलोइंग में लगातार इजाफा हो रहा है. बाबा को इस वक्त सनातन धर्म का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर बनाने की कोशिश हो रही है. वहीं कुछ तर्कशील लोग बाबा को कई तरह की चुनौतियां दे रहे हैं. लेकिन इस बीच बाबा की भाषा संतों की तरह दिखाई नहीं दे रही है. वह कई तरह की धमकियां देते हुए भी दिखाई दिए हैं. पत्रकारों को नंगा करने की बात तक कर चुके हैं.

बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के धीरेंद्र शास्त्री चमत्कार के पीछे की वजह क्या बताते हैं?

बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham M.P.)के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री हमेशा एक छोटी गदा लेकर चलते हैं. इसके पीछे वह तर्क देते हैं कि इससे उन्हें हनुमानजी की शक्तियां मिलती रहती है. वह हनुमान जी की आराधना करने के लिए लोगों को प्रेरित भी करते हैं. वह कहते हैं कि किसी तरह का कोई चमत्कार नहीं करते हैं. वह तो सिर्फ बालाजी हनुमान जी के सामने लोगों की अर्जियां लगाते हैं, जिसे बालाजी स्वीकार कर लेते हैं इसमें आप लोगों को फायदा होता है.

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आपको बता दें कि मीडिया का एक बड़ा वर्ग इस वक्त पंडित धीरेंद्र शास्त्री को सुर्खियों में रखे हुए हैं इसके पीछे भी कुछ लोगों का कहना है कि टीआरपी से जूझ रहे कुछ बड़े चैनल बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के जरिए टीआरपी बटोर रहे हैं हालांकि इसके पीछे कितनी सच्चाई है यह तो चैनल के लोग ही जाने लेकिन धीरेंद्र शास्त्री इस वक्त खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं.

आपको बता दें कि शंकराचार्य से लेकर कुछ नेताओं तक को बाबा के कथित चमत्कार पर संदेह है. कुछ लोग इसे उनका तुक्का का बता रहे हैं. ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तो यहां तक कह दिया था कि वह अगर इतने ही चमत्कारी हैं तो उत्तराखंड के जोशीमठ जाएं और वहां पड़ रही दरारों को रोककर बताएं.

उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के दावे और चमत्कारों पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि यदि वह कुछ चमत्कार कर रहे हैं और उससे जनता की भलाई हो तो अच्छा है, वरना सब कुछ छलावा है.

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